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श्री राम मंदिर पंचकुइया आश्रम के अंतर्गत संचालित गुरुकुल सनातन परंपरा और भारतीय संस्कृति का जीवंत केंद्र है। यहाँ वेद, उपनिषद, गीता, रामायण, महाभारत जैसे पवित्र ग्रंथों का अध्ययन करवाया जाता है। गुरुकुल का मुख्य उद्देश्य है – आने वाली पीढ़ी को धर्म, अध्यात्म और संस्कारों से जोड़ना, ताकि वे केवल विद्वान ही नहीं बल्कि चरित्रवान और समाज-सेवी भी बन सकें।
गुरुकुल की शिक्षा प्रणाली प्राचीन परंपराओं और आधुनिक आवश्यकताओं का संगम है। यहाँ विद्यार्थियों को न केवल शास्त्रीय ज्ञान दिया जाता है, बल्कि जीवन के व्यवहारिक गुण भी सिखाए जाते हैं। “विद्या ददाति विनयं, विनयाद्याति पात्रताम्।” अर्थात शिक्षा से विनम्रता आती है और विनम्रता से मनुष्य पात्र बनता है। इसी आदर्श को ध्यान में रखकर, गुरुकुल में शिक्षा को जीवन निर्माण का माध्यम बनाया गया है।
यहाँ बच्चों को संस्कृत भाषा, वेदपाठ, कीर्तन, पूजा-पद्धति और योगाभ्यास की शिक्षा दी जाती है। साथ ही, उन्हें राष्ट्र और समाज सेवा की भावना से भी प्रेरित किया जाता है। प्रत्येक विद्यार्थी को आत्मनिर्भर, अनुशासित और धर्मपरायण बनाने के लिए विशेष ध्यान दिया जाता है। गुरुकुल का वातावरण पूर्णतः आध्यात्मिक और सांस्कृतिक है, जहाँ साधु-संतों का सान्निध्य बच्चों के जीवन को दिव्यता से भर देता है।
गुरुकुल के विद्यार्थी केवल पुस्तकीय ज्ञान तक सीमित नहीं रहते, बल्कि वे समाज कल्याण और सेवा कार्यों में भी सक्रिय रहते हैं। यहाँ उन्हें यह समझाया जाता है कि धर्म केवल पूजा-अर्चना तक सीमित नहीं, बल्कि परोपकार, करुणा और सेवा ही सच्चा धर्म है। “परित्राणाय साधूनां विनाशाय च दुष्कृताम्। धर्मसंस्थापनार्थाय सम्भवामि युगे युगे॥” (गीता 4.8) – इस श्लोक के अनुसार धर्म की स्थापना और समाज की रक्षा ही जीवन का परम उद्देश्य है।
श्री राम मंदिर पंचकुइया आश्रम का गुरुकुल इसी संकल्प को लेकर निरंतर आगे बढ़ रहा है। यहाँ का लक्ष्य है – एक ऐसी पीढ़ी तैयार करना जो राष्ट्र, धर्म और मानवता की सेवा में समर्पित हो।
श्री राम मंदिर पंचकुइया आश्रम की सभी सेवाएं और गतिविधियां भक्तों के सहयोग और आशीर्वाद से निरंतर संचालित होती हैं। आपका दिया हुआ हर छोटा-बड़ा योगदान, सेवा और भक्ति के कार्यों को और भी मजबूत बनाता है। आपके सहयोग से आश्रम में गौशाला का संचालन, गायों के भोजन और चिकित्सा की व्यवस्था, साधु-संतों के आवास और भोजन की सेवा, पक्षियों के लिए दाना-पानी की व्यवस्था, गुरुकुल में निःशुल्क शिक्षा और बच्चों की आवश्यकताओं की पूर्ति, धार्मिक आयोजनों और भंडारों का संचालन, तथा स्वास्थ्य शिविर और चिकित्सा सेवा जैसे कार्य सुचारु रूप से चलते हैं।
आपके द्वारा दिया गया दान हमारे मंदिरों की देखभाल, धार्मिक आयोजन और सेवा कार्यों में उपयोग किया जाता है।