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श्री राम मंदिर पंचकुइया आश्रम में पक्षी सेवा को विशेष स्थान दिया गया है। सनातन परंपरा में सभी जीव-जंतु को ईश्वर का अंश माना गया है। “सर्वभूतेषु चात्मानं सर्वभूतानि चात्मनि” (गीता 6.29) – जो साधक सभी प्राणियों में परमात्मा को देखता है, वही सच्चा भक्त कहलाता है। इसी भाव को जीवंत रखते हुए, आश्रम में पक्षियों की सेवा कर उन्हें भोजन और जल उपलब्ध कराया जाता है।
श्री राम मंदिर पंचकुइयाँ आश्रम में इस भावना को साकार करते हुए एक विशेष पहल की गई है – पक्षी सेवा (Bird Care)। यहाँ पर पक्षियों के लिए पहला पक्षीघर (Bird Shelter) बनाया गया है, जहाँ उन्हें सुरक्षित स्थान, भोजन और प्रेमपूर्ण वातावरण मिलता है। हम मानते हैं कि पक्षी सेवा न केवल दया और करुणा का कार्य है, बल्कि यह भक्त के हृदय को शांति और ईश्वर के प्रति अधिक निकटता प्रदान करती है।
आधुनिक जीवनशैली और बढ़ते प्रदूषण के कारण पक्षियों का जीवन दिन-प्रतिदिन कठिन होता जा रहा है। गर्मियों में जल की कमी और सर्दियों में भोजन का अभाव उनके अस्तित्व के लिए चुनौती बन जाता है। इस स्थिति को ध्यान में रखते हुए आश्रम ने पक्षी सेवा अभियान की शुरुआत की। प्रतिदिन सैकड़ों पक्षियों को दाना-पानी प्रदान किया जाता है। मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में जलपात्र, दानापात्र और विश्राम स्थल स्थापित किए गए हैं, ताकि पक्षियों को सुरक्षित वातावरण मिल सके।
पक्षी केवल प्रकृति की शोभा ही नहीं, बल्कि पर्यावरण संतुलन का आधार भी हैं। उनकी चहचहाहट वातावरण में आनंद और सकारात्मकता का संचार करती है। आश्रम का मानना है कि जब तक सभी जीव-जंतु सुरक्षित और सुखी नहीं होंगे, तब तक मानव का जीवन भी पूर्ण नहीं हो सकता।
यह सेवा न केवल जीव दया का प्रतीक है, बल्कि समाज को पर्यावरण संरक्षण और करुणा का संदेश भी देती है। भक्तों और सेवादारों के सहयोग से यह सेवा निरंतर चल रही है। प्रत्येक दाना और हर जल की बूंद इन नन्हें प्राणियों के लिए जीवन का आधार बनती है।
श्री राम मंदिर पंचकुइया आश्रम की सभी सेवाएं और गतिविधियां भक्तों के सहयोग और आशीर्वाद से निरंतर संचालित होती हैं। आपका दिया हुआ हर छोटा-बड़ा योगदान, सेवा और भक्ति के कार्यों को और भी मजबूत बनाता है। आपके सहयोग से आश्रम में गौशाला का संचालन, गायों के भोजन और चिकित्सा की व्यवस्था, साधु-संतों के आवास और भोजन की सेवा, पक्षियों के लिए दाना-पानी की व्यवस्था, गुरुकुल में निःशुल्क शिक्षा और बच्चों की आवश्यकताओं की पूर्ति, धार्मिक आयोजनों और भंडारों का संचालन, तथा स्वास्थ्य शिविर और चिकित्सा सेवा जैसे कार्य सुचारु रूप से चलते हैं।
आपके द्वारा दिया गया दान हमारे मंदिरों की देखभाल, धार्मिक आयोजन और सेवा कार्यों में उपयोग किया जाता है।